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b2ap3_thumbnail_DSC_2297_20171117-084414_1.JPGb2ap3_thumbnail_mining1_20171117-084416_1.JPG                                                                                                      सतना।विन्ध्य क्षेत्र के शैक्षणिक गौरव एकेएस विश्वविद्यालय,सतना के माइनिंग इंजीनियरिंग डिप्लोमा फिफ्थ सेमेस्टर और डिग्री सेवेन्थ सेमेस्टर के 51 विद्यार्थियों ने इंटरनेशनल माइनिंग एग्जिवीशन में सहभागिता दर्ज कराई। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने फैकल्टीज डाॅ.डी.एस. माथुर, मि. जे.एन. सिंह एवं गुड्डू पाल के मार्गदर्शन में माइनिंग एवं मिनरल इक्यूपमेंट्स की जानकारी ली। अंतर्रराष्ट्रीय एग्जिवीशन राजर हाट इको पार्क, साल्ट लेक एरिया, नये कलकत्ता में आयोजित हुई जहां देश विदेश के माइनिंग के विविध स्टाल्स आकर्षण का केन्द्र रहे। 9 से 12 नवम्बर तक चली विजिट के दौरान छात्रों ने माइनिंग के क्षेत्र में नवीन तकनीकों का अवलोकन किया जो यहां एग्जिवीशन के आकर्षण का केन्द्र थे। गौरतलब है कि इसी दौरान इंजीनियर डीन डाॅ. जी.के. प्रधान ने एक पेपर भी प्रजेंट किया। विजिट के बाद वि.वि. के विद्यार्थियों ने कलकत्ता के राजर हाट इको पार्क, साल्ट लेक एरिया के आसपास विक्टोरिया पैलेस के ऐतिहासिक महत्व और इसकी पुरातात्विक जानकारी ली, कोल इंडिया के भ्रमण के दौरान छात्रों ने कोल माइनिंग को करीब से जाना एवं समझा, कोलकाता के प्रसिद्ध खेल मैदान ईडन गार्डन के अवलोकन के दौरान विद्यार्थियों ने कहा कि टी.वी. से देखने ओर यहाॅ आकर इसको देखना अद्भुत रहा। इसे विद्यार्थियों ने अपना यादगार पल बताया तत्पश्चात आध्यात्मिक केन्द्र वेल्लूर मठ पहुंचे जहां चिंतन, मनन, आध्यात्मिक शांति, ईश्वर, मानव का जीवन किस लिये है और मानव किस निमित्त के लिये संसार में आया है इसकी जानकारी संतों द्वारा दी गई।गौरतलब है कि हुगली नदी के तट पर स्थित रामकृष्ण मिशन एवं रामकृष्ण मठ का मुख्यालय यहीं पर है इसी तरह इसकी वास्तु मे हिन्दू,ईसाई एवं इस्लामी वास्तु का नमूना है जो सर्वध्र्म की एकता का प्रतीक है।इसकी स्थापना 1897 मे स्वामी विवेकानंद जी ने अपने गुरु रामकृष्ण परमहंस को श्रद्वान्जलि स्वरुप की थी यह जानकारी पाकर छात्रों ने इसे अपने असीम आनन्द का क्षण बताया उन्होंने कहा कि माइनिंग की विस्तार से जानकारी पाने के साथ साथ जीवन की गहन अनुभूति से परिचित होना सबसे अच्छे पलों में शामिल हुआ। फैकल्टीज एवं विद्यार्थियों ने एग्जिवीशन पार्टिशिपेशन एवं आध्यात्मिक ज्ञान के लिये वि.वि. के कुलपति पारितोष के. बानिक एवं चेयरमैन अनंत कुमार सोनी का तहेदिल से आभार व्यक्त किया।

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b2ap3_thumbnail_DSC_1894_20171116-052148_1.JPGb2ap3_thumbnail_DSC_1914_20171116-052149_1.JPGb2ap3_thumbnail_DSC_1941_20171116-052151_1.JPG          सतना। एकेएस वि.वि. ,सतना में राष्ट्रीय सेवा योजना के पुरुष एवं महिला इकाई के द्वारा 14 नवम्बर 2017 को विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ औपचारिक रूप से वि.वि. के कुलपति, प्रतिकुलपति, ओएसडी, ब्लड बैंक अधिकारी, एनएसएस कोआर्डिनेटर, आफीसर एवं एचडीएफसी बैंक के मैनेजर द्वारा फीता काटकर किया गया। छात्र छात्राओं को रक्तदान क्यों करना चाहिए एवं उसके महत्व को बताते हुए वि.वि. के कुलपति प्रो.पारितोष के बनिक ने कहा कि एक यूनिट रक्तदान से तीन जीवन को बचाया जा सकता है। रक्तदान एक स्वस्थ व्यक्ति जिसकी उम्र 18 वर्ष एवं वजन 45 किलोग्राम से अधिक हो एवं वह पूर्ण रूप से स्वस्थ हो वर्ष में कम से कम दो बार रक्तदान कर सकता है। वि.वि. के छात्र छात्राओं में रक्तदान के प्रति उत्साह दिखाते हुए शिविर में कुल 80 यूनिट रक्तदान किया । यह 80 यूनिट ब्लड जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रखा जायेगा। स्वैच्छिक रक्तदान शिविर के अवसर पर कुलपति प्रो. पी.के. बानिक कुलपति, डायरेक्टर अवनीश सोनी, प्रतिकुलपति डाॅ. हर्षवर्धन, डाॅ. आर.एस. त्रिपाठी, ओएसडी प्रो. आर.एन.त्रिपाठी, राष्ट्रीय सेवा योजना के कोआर्डिनेटर डाॅ. महेन्द्र तिवारी, प्रोग्राम आफीसर डाॅ. दीपक मिश्रा, जिला चिकित्सालय ब्लड बैंक अधिकारी डाॅ. सी.एम. तिवारी, एचडीएफसी बैंक के मैनेजर अमित मिश्रा, राहुल अग्रवाल, डाॅ. सूर्यप्रकाश गुप्ता के साथ वि.वि. के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपनी विशेष सहभागिता दी।

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b2ap3_thumbnail_IMG-20171112-WA0027.jpgb2ap3_thumbnail_IMG-20171112-WA0031.jpgb2ap3_thumbnail_IMG-20171112-WA0033.jpgb2ap3_thumbnail_IMG-20171112-WA0035.jpgb2ap3_thumbnail_IMG-20171112-WA0040.jpg                                                                                                     सतना, सोमवार। एकऐस विश्वविद्यालय सतना में जहां एक्सिलेंस एकेडमिक का क्रमवार रिकार्ड है वहीं खेलों की विभिन्न विधाओं में स्पोर्ट्स में अभिरुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिये अपार अवसर हैं। एसोसियेशन आफ इंडियन युनिवर्सिटीज में शामिल होने के बाद एकेएस वि.वि. के छात्र छात्राएं विविध खेलों में जानदार प्रदर्शन कर रहे हैं इसी कड़ी में स्पोर्ट्स आफीसर सुनील पाण्डेय के मार्गदर्शन में एकेएस वि.वि. सतना की 12 सदस्यीय कबड्डी प्रतियोगिता के लिये दम खम से ईस्ट जोन इंटरयुनिवर्सिटी नेशनल कबड्डी मेन्स टूर्नामेंट 2017-18 के लिये दरभंगा बिहार पूरे उत्साह के साथ पहुंची जहां टीम के कैप्टन बी.एससी. एग्रीकल्चर के छात्र वेलपुला एन्जी ने टीम का कुशल नेतृत्व संभाला। पहले दौर के मैच के लिये एकेएस वि.वि. के दमखम वाले खिलाड़ियों का मुकाबला रावेन शाॅ युनिवर्सिटी कटक से हुआ, खिलाड़ियों ने इस मैच में लयबद्धता, उत्साह और खेल भावना का जबर्दस्त प्रदर्शन करते हुए पहला मुकाबला शानदार अंतर से जीता। कबड्डी के नेशनल खिलाड़ियों में हिमांशु घोगरे बी.एससी. एग्रीकल्चर थर्ड सेमेस्टर, शुभम चैरे बी.एससी. एग्रीकल्चर थर्ड सेमेस्टर, विलास कुमार बी.एससी. एग्रीकल्चर फिफ्थ सेमेस्टर, प्ररित पटले बी.एससी. एग्रीकल्चर फस्र्ट सेमेस्टर, कृष्णा कुमार बी.एससी. एग्रीकल्चर थर्ड सेमेस्टर, आशुदर्शन भगत बी.एससी. एग्रीकल्चर फस्र्ट सेमेस्टर, ऋषभ सोनी बी.टेक सीमेंट टेक फिफ्थ सेमेस्टर, अमन पाठक बी.एससी. बायोटेक फस्र्ट सेमेस्टर, कुंदन सिंह डप्लोमा माइनिंग फस्र्ट सेमेस्टर, खिलेन्द्र पटले बी.एससी. एग्रीकल्चर थर्ड सेमेस्टर, साहिल पाठक बी.काॅम आनर्स थर्ड सेमेस्टर शामिल रहे। वि.वि. की कबड्डी टीम को कुलपति प्रो. पारितोष के. बानिक, चेयरमैन अनंत कुमार सोनी, प्रतिकुलपति डाॅ. हर्षवर्धन, डाॅ. आर.एस. त्रिपाठी एवं सभी विभागों के डीन, डायरेक्टर्स एवं विभाग प्रमुखों ने स्पर्धा के प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उन्हें उज्जवल प्रदर्शन की शुभकामनाएं दी हैं।

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सतना, सोमवार।विन्ध्य क्षेत्र के शैक्षणिक गौरव एकेएस वि.वि. में तीन दिवसीय उद्यमिता जागरुकता शिविर का शुभारंभ किया गया। एकऐस विश्वविद्यालय सतना के डिपार्टमेंट आॅफ बायोटेक्नाॅलाॅजी विभाग और डिपार्टमेंट आॅफ फार्मास्यूटिकल साइंस एण्ड टेक्नाॅलाॅजी विभाग के संयुक्त आयोजकत्व में ईडीआईआई डीएसटी एनआईएमएटी द्वारा प्रायोजित तीन दिवसीय उद्यमिता जागरुकता शिविर का आयोजन वि.वि. के कांफ्रेंस हाल में समारोहपूर्वक किया गया। इस मौके पर एकेएस वि.वि. के ओएसडी प्रो. आर.एन. त्रिपाठी, डाॅ. सी.के. टेकचंदानी, फाइनेंस आॅफीसर आर.के. गुप्ता, डाॅ. कमलेश चैरे, डाॅ. सूर्यप्रकाश गुप्ता, सी.पी. सिंह, रेनी निगम ने कार्यक्रम के विशेष वक्ता डाॅ. अपूर्व खरे के साथ कार्यक्रम की माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण करने के बाद औपचारिक शुरुआत की। डाॅ. कौशिक मुखर्जी ने हिस्टोरिकल बैकग्राउण्ड, इंडियन वैल्यूज वाय एन्टप्रेन्योरशिप एण्ड द प्रजेंट सेनेरियो पर व्याख्यान दिया। डाॅ. एस.पी. गुप्ता ने आॅब्जेक्टिव आॅफ एन्टप्रेन्योरशिप पर जानकारी दी। सेडमैप के मि. आर.के. शुक्ला ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। डाॅ. अपूर्व ने सक्सेस स्टोरीज, काॅमन प्राब्लम्स फेस्ड बाई एन्टप्रेन्योरशिप पर जानकारी दी। कार्यक्रम में डिपार्टमेंट आॅफ बायोटेक्नाॅलाॅजी विभाग और डिपार्टमेंट आॅफ फार्मास्यूटिकल साइंस एण्ड टेक्नाॅलाॅजी के छात्र छात्राओं को सर्वप्रथम डाॅ. अपूर्व खरे (बायोल्यूशन के सीईओ) ने इस कार्यक्रम की उपयोगिता, उपादेयता और महत्व पर इंटरैक्टिव जानकारी दी। छात्र छात्राओं से कई सवाल पूछे और उन्हें आयोजन के महत्व से परिचित कराया। वि.वि. के फूड टेक्नाॅलाॅजी के डायरेक्टर डा. सी.के. टेकचंदानी ने टेक्नाॅलाॅजी असिस्टेंस फ्राम आर एण्ड डी लैब एण्ड अदर्स आन च्वाइस आॅफ टेक्नाॅलाॅजी के बारे में बताया कि एन्टप्रेन्योरशिप कुछ हजार रुपये से शुरु होकर अगणित संख्याओं तक जा सकती है। उन्होंने कुछ उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया कि फूड इण्डस्ट्री, पैकेजिंग इण्डस्ट्री, पेपर इण्डस्ट्री, ओनियन एण्ड टोमैटो पाउडर इण्डस्ट्री, नूडल एण्ड पास्ता इण्डस्ट्री, व्हीट फ्लोर राइस मिल, दाल मिल ऐसी इण्डस्ट्री हैं जहां विकास के अनगिनत मौके उपलब्ध हैं। बस इच्छाशक्ति की जरूरत है और आप फर्श से अर्श तक का सफर सफलतापूर्वक कर सकते हैं। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे और एन्टप्रेन्योशिप की धारणा पर प्रकाश डाला। ओएसडी प्रो. आर.एन.त्रिपाठी ने कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए इसे महत्वपूर्ण निरुपित किया। डाॅ. अपूर्व ने बायोफार्मा में अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सेवा और लाभ में सेवा को सर्वस्व महत्व दें लाभ अपने आप होगा क्योंकि यहां कार्य शुभ कार्यों के लिये किया जा रहा है। कार्यक्रम के दूसरे दिन अन्य वक्ताओं के उद्बोधन के साथ साथ तीसरे दिन विद्यार्थियों को इण्डस्ट्रियल विजिट कराई जायेगी और सम्बन्धित इण्डस्ट्रीज के उच्चाधिकारियों से इण्डस्ट्री को समझने का अवसर भी प्रदान किया जायेगा।

 

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b2ap3_thumbnail_IMG_20171110_135951.jpgb2ap3_thumbnail_IMG_20171110_142358.jpgb2ap3_thumbnail_IMG_20171110_142430.jpgb2ap3_thumbnail_IMG_20171110_142433.jpgb2ap3_thumbnail_IMG_20171110_142436.jpg                                                                                                                                                    एकेएस विश्वविद्यालय के एग्रकल्चर विभाग के सातवे सेमेस्टर रावे छात्रों ने ग्राम सितपुर में कृषक संगोष्टी का आयोजन किया,ग्रामीण कृषि कार्यानुभव कार्यक्रम के तहत छात्रों द्वारा किसान संगोष्टी का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम में ग्राम सितपुरा के साथ बचवई, दमहा, इटमा, छोटी गुरहटी, सोहवला के किसानों ने सक्रिय सहभागिता की। इस मौके पर एग्रीकल्चर संकाय के प्रो. डॉ तोमर ने कृषि में वर्तमान में आ रही नवीन तकनीकों व उनके प्रयोगों के विषय पर जानकारी प्रदान की। श्री अखिलेश जगाने ने फसल रोग एवं सुरक्षा की जानकारी किसानों को देते हुए उन्हे इससे बचाव के उपाय बताए। कार्यक्रम में ग्राम सितपुरा के सरपंच सुमेर सिंह बघेल ने कहा कि यह संगोष्टी किसानों के लिए अत्यधिक लाभकारी है उन्होंने विश्विद्यालय के अधिकारियों से कहा कि इस तरह की संगोष्ठियों का आयोजन होना अनिवार्य है। उन्होंने रावे के छात्रों द्वारा ग्राम में किये गए कार्यो की प्रशंसा की और उन्हें प्रोत्साहित भी किया। ग्राम छोटी गुरहटी के सरपंच ने एकेएस वि.वि. के अधिकारियों से कहा कि एक संगोष्टी का आयोजन उनके ग्राम में भी किया जाए। रावे समन्यवयक सात्विक बिसरिया ने कहा कि बहुत जल्द एक संगोष्टी का आयोजन किया जाएगा। संगोष्ठी को अव्दुल वारसी ने भी संबोधित किया। इस कार्यक्रम में लगभग 100 किसानों ने सहभागिता की कार्यक्रम के अंत मे सात्विक बिसरिया ने संगोष्टी में आये हुए समस्त अन्नदाताओं का धन्यवाद व्यक्त किया । 

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सतना। एकऐस वि.वि. सतना के काॅमर्स संकाय के फैकल्टी डाॅ. धीरेन्द्र ओझा जो विश्वविद्यालय में प्रबंध एवं व्यावसायिक अधिनियम अर्थशास्त्र के अध्यापक हैं इनका रिसर्च पेपर ‘एफडीआई इम्पैक्ट अपाॅन इंडियाज इकोनाॅमिक डेव्हलपमेंट विद स्पेशल रिफरेंस टू रिटेल सेक्टर’ विषय पर रिसर्च पेपर इंटरनेशनल जर्नल आॅफ रिसर्च इन काॅमर्स एण्ड मैनेजमेंट के वाल्यूम नं. 8, 2017 इश्यू नं. 11 नवम्बर अंक में प्रकाशित हुआ है। उन्हें रिसर्च पेपर में दी गई जानकारियों के आधार पर बधाइयां मिल रही हैं। उन्होंने रिसर्च पेपर में विस्तार से एफडीआई पर जानकारी दी है जो तथ्यपूर्ण, तार्किक एवं न्यायसंगत है जिसकी काफी सराहना हुई।

 

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सतना। एकेएस वि.वि. में शुक्रवार को समस्त संकाय की प्रथम वर्ष की छात्राओं को लैंगिक अपराध विनियम 2015 अधिनियम की विस्तार से जानकारी वि.वि. के अधिकारियों द्वारा प्रदान की गई। छात्राओं को सम्बोधित करते हुए चीफ प्राक्टर डाॅ. हर्षवर्धन ने अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की और कहा कि छात्राओं को निर्भीकता से वि.वि. में अध्ययन में संलग्न रहना चाहिए। यदि किसी प्रकार की अशिष्टता या दुव्र्यवहार किसी के द्वारा किया जाता है तो आंतरिक शिकायत समिति के समक्ष ऐसी शिकायतें तुरंत प्रस्तुत करना है। उन्होंने यह भी कहा कि वि.वि. प्रबंधन इस विषय में पूर्णतः सजग है और शिकायतों पर तत्परतापूर्वक निर्णय लिये जाने का भी प्रावधान है। इस अवसर पर वि.वि. के चेयरमैन अनंत कुमार सोनी ने छात्राओं को विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से बताया कि छात्राएं यदि पूर्णतः सजग रहती हैं तो ऐसी कोई भी घटना या दुर्घटना उनके साथ नहीं हो सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि छात्राओं को पूर्ण आत्मबल से अपना अध्ययन करना चाहिए और भविष्य में देश के विकास में अपना योगदान देना होगा। कार्यक्रम में डीन बेसिक साइंस प्रो. आर.एन. त्रिपाठी, डीन छात्र कल्याण प्रो. जी.सी. मिश्रा, इंजी. आर.के. श्रीवास्तव, इंजी. ए.के. मित्तल, रेनी निगम, रमा शुक्ला, सीमा द्विवेदी ने भी छात्राओं को सम्बोधित किया। उल्लेखनीय है कि वि.वि. प्रबंधन द्वारा छात्राओं की सुरक्षा हेतु विभिन्न उपाय पूर्व से ही किये जा रहे हैं और अनुशासनहीनता करने पर कड़ी कार्यवाही की जाती है।

 

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b2ap3_thumbnail_v-c1.JPGb2ap3_thumbnail_vc3.JPG                                                                        सतना। एकऐस वि.वि. सतना में विगत एक वर्ष से विद्यार्थियों को अध्ययन के आधुनिक तरीकों से परिचित कराने हेतु श्रंखलाबद्ध प्रयास किये जा रहे हैं।विश्व में शिक्षण पद्धति की नवीन तकनीकों की जानकारी और आवश्यकता को ध्यान मे रखते हुए विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को विभिन्न नवाचारों से परिचित कराया जा रहा है, परिणामस्वरूप एकेडेमिक गुणवत्ता में शानदार परिवर्तन अब दृष्टिगोचर हो रहा है क्योंकि शिक्षक नवीन पद्धतियों से न केवल परिचित हो रहे हैं बल्कि वे उसे अपनी कक्षाओं में व्यवहारिक प्रयोग कर रहे हैं। इसी कड़ी में माइंड मैपिंग की प्रक्रिया से विद्यार्थी रुबरु हुए जिसमें पाठ्यक्रमों को कैसे समाजपयोगी, प्रायोगिक प्रकृति एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर अध्ययन करना है उन्हें रेखाचित्रों के माध्यम से शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को अवगत कराया जाता है। उल्लेखनीय है कि इससे वि.वि. में अकादमिक गुणवत्ता बढी है ,विद्यार्थियों में पाठ्यक्रमों को समझने एवं स्मरण शक्ति बढ़ाने में मदद मिली है। इस सम्पूर्ण प्रयास में वि.वि. के चेयरमैन इंजी. अनंत कुमार सोनी ने बताया कि शहर के ही नवयुवक वरुण चमड़िया ने इस नवाचार को अंजाम दिया है। उनकी कक्षाएं नियमित रूप से वि.वि. में संचालित हो रही हैं और इसका दूरगामी परिणाम विद्यार्थियों में नजर आ रहा है। सकारात्मक रूप से उनमें ऊर्जा का संचार हो रहा है। विद्यार्थियों ने भी नवीन तकनीक से अध्ययन करने के प्रति अत्यधिक उत्साह प्रदर्शित किया। स्मरणीय है कि यह पद्धति परम्परागत पद्धति से हटकर विद्यार्थियों की समझ एवं विषय ज्ञान को रुचिकर बनाने में मददगार है। 

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सतना। एकेएस वि.वि. की फैकल्टी ने 2 एवं 3 नवम्बर 2017 को आईसीएसटीएम नामक अंतर्राष्ट्रीय संस्था के तत्वावधान में सिंगापुर में ‘‘काॅस्मोलाॅजिकल फ्लर्ट स्पेश टाइम माडल विद एक्सेलेरेशन पैरामीटर्स‘‘ विषय पर एक अत्यंत प्रासंगिक विषय पर पेपर प्रजेन्ट किया। एकेएस वि.वि. सतना के गणित विभाग में कार्यरत युवा सहायक प्राध्यापक एकता श्रीवास्तव द्वारा अपने शोध विषय से सम्बन्धित शोध पत्र का वाचन एवं प्रस्तुतीकरण किया गया जिसमें ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति, उसके अस्तित्व की आवश्यकता से संबंधित प्रश्नों एवं कारणों आदि की विवेचना का सार्थक प्रयास किया गया, जिसमें ब्रह्मांड के निरंतर विकास के कारकों एवं इससे संबंधित अध्ययनों की आवश्यकता की उपादेयता आदि प्रतिपादित करते हुए पूर्णता के साथ सार्वभौम सत्य एवं रहस्यों को उजागर करने की मानवीय जिजीविशा की व्याख्या की गई है। इस कांफ्रेंस में वि.वि. की सहायक प्राध्यापक एकता श्रीवास्तव के साथ चाइना, इंडोनेशिया, थाईलैण्ड, घाना, सिंगापुर तथा जापान आदि के प्रतिभागियों ने भी अपने अपने विद्वतापूर्ण शोध प्रस्तुत किये। इस अवसर पर वि.वि. प्रबंधन एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों ने एकता श्रीवास्तव की इस सराहनीय उपलब्धि पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए समुन्नत भविष्य की बधाइयां दी हैं।

 

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सतना। एकऐस वि.वि. सतना के बायोटेक विभाग में मशरूम उत्पादन यूनिट की स्थापना की गई है। इस यूनिट में विश्वविद्यालय में विगत 2 वर्षों से मशरूम उत्पादन चल रहा है। यहां पर दो मशरूम की प्रजातियाँ सफेद बटन मशरूम एवं सापी मशरूम वृहद स्तर पर उत्पादित किये जा रहे हैं, मशरूम यूनिट के प्रभारी डाॅ. दीपक मिश्रा सह प्राध्यापक जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने चर्चा के दौरान मशरूम खाने से होने वाले फायदे गिनाते हुए कहा कि मशरूम सम्पूर्ण रूप से वेजिटेरियन सब्जी है और इसमें प्रोटीन की प्रचुरता होती है। मधुमेह और हृदय के मरीजों के लिये यह बड़ी औषधि है। वसा की कम मात्रा होने से इसे खाना हमेशा लाभप्रद है। मशरूम में विटामिन्स एवं मिनरल्स की प्रचुरता होती है। मशरूम उत्पादन यूनिट का संचालन बायोटेक विभागाध्यक्ष डाॅ. कमलेश चैरे के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। और इसके प्रभारी डाॅ. दीपक मिश्रा हैं। रिसर्च एसोसियेट सौरभ सिंह गौर एवं विवेक अग्निहोत्री मशरूम उत्पादन के कार्य में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मशरूम उत्पादन यूनिट में न सिर्फ इन प्रजातियों का उत्पादन हो रहा है वरन् किसानों एवं छात्रों को मशरूम उत्पादन की ट्रेनिंग भी प्रदान की जा रही है जिससे विंध्य क्षेत्र के अन्नदाता और विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र छात्राएं उत्पादन की प्रक्रिया समझकर एवं स्वयं उत्पादन कर बेहतर लाभ कमा सकते हैं। वह भी निम्न लागत पर संभव है। विश्वविद्यालय में उत्पादित होने वाला मशरूम बिक्री के लिये भी विश्वविद्यालय में उपलब्ध रहता है।

 

 

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